शनिवार, 14 मई 2011

संभव है

संभव है 
जान पाना 
सह-अस्तित्व के 
नियमों को 
जहाँ तुम 
अज्ञात को ज्ञात पाते हो 
उतार-चढ़ावों से भरी 
एक-एक गांठ 
उतने ही भावदृश्य दिखाती
जितनी पंखुड़ियाँ
सहस्त्रार 
कुछ भूलकर 
महाकारण में उतरना 
मिलेजुले रूपांतरण जैसा 
जिसके भीतर 
कहीं और भी अधिक 
फैली संभावनाएँ
संभव है |

2 टिप्‍पणियां:

  1. शुभागमन...!
    आपके हिन्दी ब्लागिंग के अभियान को सफलतापूर्वक उन्नति की राह पर बनाये रखने में मददगार 'नजरिया' ब्लाग की पोस्ट नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव. और ऐसे ही अन्य ब्लागर्स उपयोगी लेखों के साथ ही अपने व अपने परिवार के स्वास्थ्योपयोगी जानकारियों से परिपूर्ण 'स्वास्थ्य-सुख' ब्लाग की पोस्ट बेहतर स्वास्थ्य की संजीवनी- त्रिफला चूर्ण एक बार अवश्य देखें और यदि इन दोनों ब्लाग्स में प्रस्तुत जानकारियां आपको अपने जीवन में स्वस्थ व उन्नति की राह में अग्रसर बनाये रखने में मददगार लगे तो भविष्य की उपयोगिता के लिये इन्हें फालो भी अवश्य करें । धन्यवाद के साथ शुभकामनाओं सहित...

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