मुझे भी
सिखला दो
उड़ना,
पंख लगा
धकेल दो
आज
होड़ लगी है
लगन लगी है,
हाथों में
दे दो कमंडल
गले में पहन
शिवलिंग
बजाता रहूँ बस
डमरू डम-डम
आपनी सी
आँखे दे दो,
बना दो
जंगम
सिखला दो
मुझे भी
कोई
मंत्र
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शुक्रवार, 25 सितंबर 2009
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